परमपिता परमेश्वर की असीम कृपा एवं अनुकम्पा कृपा से हमारी संस्था को इस महाविद्यालय को खोलने का अवसर मिला है। मैं माँ सरस्वती के चरणों में वन्दना करता हूँ कि इस विद्या केन्द्र में शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी छात्रों पर कृपा बनाये रखें। छात्रों के विचारों को स्वच्छ एवं सकारात्मक बनाने की कृपा करें। शिक्षा से छात्र उज्जवल भविष्य व स्वस्थ जीवन को प्राप्त कर सकें। मैं अपने मन की एक भावना सभी विद्यार्थियों के सामने रखना चाहता हूँ कि वे अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का अपने हृदय की गहराई से आदर करें। हमारे महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कार्मिक मण्डल कुल सुयोग्य हैं तथा विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुरूप प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, वाचनालय एवं क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यवस्था की गई है ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।
चन्द्रशेखर कटियार
संस्थापक